क्या जशपुर कांग्रेस में सबकुछ ठीक है? मनरेगा अभियान के दौरान उठे कई सवाल

जशपुर।
जशपुर कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक है या नहीं, इस सवाल पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि कांग्रेस के मनरेगा बचाओ अभियान के तहत प्रदेश प्रभारी, पूर्व केबिनेट मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल का जशपुर आगमन हुआ, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी जोश और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त जिला अध्यक्ष यूडी मिंज पूरी मजबूती के साथ मोर्चा संभालते नजर आए। उनकी अगुवाई में जिला कांग्रेस की पूरी टीम ने कलेक्ट्रेट घेराव कार्यक्रम को सफल बनाया। आयोजन की व्यवस्थाओं से लेकर भीड़ जुटाने तक, संगठनात्मक सक्रियता स्पष्ट दिखाई दी।
लेकिन कुछ चेहरे रहे नदारद
इसी बीच कांग्रेस के भीतर कुछ ऐसे सवाल भी उभरे, जिन पर चर्चा होना स्वाभाविक है। जिले में कांग्रेस के लगभग हर बड़े कार्यक्रम में नजर आने वाले कुछ चर्चित चेहरे इस आयोजन से नदारद रहे। यह अलग बात है कि वे क्यों नहीं आए, लेकिन एकसाथ कई प्रभावशाली नेताओं की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को जरूर जन्म दिया है।
नदारद दिखने वाले प्रमुख नामों में—
जिला कांग्रेस लघु वनोपज प्रकोष्ठ के अध्यक्ष,
राजीव गांधी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष,
कांसाबेल के मार्शल एक्का,
आईटी सेल के जिलाध्यक्ष नीरज पारीक,
कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस के चर्चित नेता विनयशील गुप्ता,
आईटी सेल के उपाध्यक्ष व सोशल मीडिया में सक्रिय दिनेश राय,
युवा कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मयंक शर्मा
जैसे चेहरे शामिल रहे।
इस पूरे घटनाक्रम पर जशपुर टाइम्स से बातचीत में आईटी सेल के जिलाध्यक्ष नीरज पारीक ने स्पष्ट कहा कि
“हम पार्टी के साथ हमेशा खड़े हैं। हमारी लड़ाई भाजपा से है, कांग्रेसियों से नहीं। हालांकि कहीं-कहीं आत्मसम्मान की बात आ जाती है, जिससे मतभेद जैसी स्थिति बनती है।”
उनके इस बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि पार्टी के भीतर मतभेद हैं, लेकिन टकराव नहीं।
ibnul khan
editor-in-chief, jashpur times




