पीएम धन-धान्य कृषि योजना में जशपुर मॉडल की देशभर में सराहना, केंद्र सरकार ने बताया किसान हितैषी
किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण और आधुनिक कृषि नवाचारों पर केंद्रित कार्ययोजना को मिली प्रशंसा

जशपुरनगर। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में कृषि विकास, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव एवं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के केंद्रीय नोडल अधिकारी पी. अंबलगन (आईएएस) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की समीक्षा करते हुए जशपुर मॉडल को प्रभावी और किसान हितैषी बताया।
समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई योजना में सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्लस्टर विकास, संविदा खेती को बढ़ावा, जीराफूल धान के रकबे का विस्तार, निर्यात योग्य धान क्लस्टर निर्माण, सामुदायिक बीज बैंक, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा बेहतर विपणन व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है।
बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, उप संचालक कृषि एम.आर. भगत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि किसानों के लिए बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। संभावित एल-नीनो परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को अल्प अवधि वाली धान किस्मों के साथ मोटे अनाज, दलहन और तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बैठक में जल संचय जनभागीदारी अभियान के तहत जिले में चल रहे जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन कार्यों की भी जानकारी दी गई। संयुक्त सचिव पी. अंबलगन ने विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेंगे और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।
उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं ग्रामीण विकास विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
संयुक्त सचिव ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और विपणन को भी समान रूप से बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने जशपुर जिले में किए जा रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कार्ययोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
जशपुर में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत किए जा रहे प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं, जिससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
Editor-in-chief
Jashpur times








