स्कूल खुलने से पहले जशपुर में स्कूल बसों की जांच, 15 बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का हुआ परीक्षण
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, चालकों का भी हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

जशपुरनगर। नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने से पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जशपुर में विशेष स्कूल बस जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की 15 स्कूल बसों का व्यापक निरीक्षण किया।
रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित इस शिविर में स्कूल बसों की फिटनेस, दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। साथ ही बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी कार्यक्षमता का भी मूल्यांकन किया गया।

दस्तावेजों से लेकर सुरक्षा उपकरणों तक की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC), रोड टैक्स एवं चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, नशामुक्त रहकर वाहन संचालन करने तथा बच्चों को सुरक्षित तरीके से बस में चढ़ाने और उतारने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
जिला परिवहन अधिकारी गिरीश चंद्र इंद्रवाल, यातायात प्रभारी उप निरीक्षक खेमराज ठाकुर एवं उनकी टीम ने वाहन दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
चालकों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बस चालकों एवं परिचालकों का नेत्र परीक्षण, रक्तचाप (बीपी) और शुगर जांच की गई। इस दौरान जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजू प्रसाद गुप्ता, नेत्र सहायक अधिकारी सविता मिश्रा, स्टाफ नर्स ऐलिन रोस एक्का, वार्ड बॉय निरंजन नायक एवं सामाजिक कार्यकर्ता वृतिका मिश्रा उपस्थित रहे।
तकनीकी फिटनेस और आपातकालीन सुरक्षा पर विशेष ध्यान
पुलिस की वाहन शाखा द्वारा बसों के हेडलाइट, ब्रेक लाइट, स्टीयरिंग, टायर, क्लच, एक्सीलेटर, सीटों की स्थिति, हॉर्न एवं रिफ्लेक्टर सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की गई।
इसके अलावा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा नगर सेना के जवानों ने बसों में आग लगने जैसी आपात स्थितियों में बचाव एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप हुई जांच
संयुक्त टीम ने स्कूल बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का मोबाइल नंबर एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा चिन्हों की भी जांच की।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा जशपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं ताकि जिले में स्कूल परिवहन व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बन सके।
Ibnul khan
Editor-in-chief
Jashpur times








