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शक्ति वेदांता प्लांट हादसा: 20 मजदूरों की मौत, 36 झुलसे, मृतकों की सूची जारी

बॉयलर ब्लास्ट के बाद हड़कंप, कई राज्यों के श्रमिक बने शिकार

जांजगीर-चांपा (शक्ति), 15 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। घायलों का इलाज रायगढ़, रायपुर सहित विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

मंगलवार दोपहर हुए इस हादसे में प्लांट के भीतर अचानक बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। कई मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।

कई राज्यों के मजदूर प्रभावित

इस हादसे में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मजदूर भी शामिल हैं, जिससे घटना का दायरा व्यापक हो गया है।

मुआवजा और जांच

घटना के बाद परिजनों ने प्लांट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए।
जिला प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं।

वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को ₹35-35 लाख मुआवजा और नौकरी, जबकि घायलों को ₹15-15 लाख सहायता देने की घोषणा की है।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भी अलग-अलग आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।

मृतकों की सूची

  1. थांडा राम लहरे (छत्तीसगढ़)
  2. नदीम अंसारी (छत्तीसगढ़)
  3. उदय सिंह यादव (छत्तीसगढ़)
  4. रितेश कुमार (बिहार)
  5. अमृत लाल पटेल (छत्तीसगढ़)
  6. तरुण कुमार ओहदा (झारखंड)
  7. आकिब खान (बिहार)
  8. सुसांता जना (प. बंगाल)
  9. अब्दुल करीम (झारखंड)
  10. शेख सेफुद्दीन (प. बंगाल)
  11. पप्पू कुमार (उत्तर प्रदेश)
  12. अशोक परहिया (झारखंड)
  13. मानस गिरी (प. बंगाल)
  14. बृजेश कुमार (उत्तर प्रदेश)
  15. रामेश्वर महिलोंग (छत्तीसगढ़)
  16. कार्तिक महतो (प. बंगाल)
  17. शिवनाथ मुर्मू (प. बंगाल)
  18. चितरंजन डोली (46), पश्चिम बंगाल
  19. दीपांकर सिंह (24), पश्चिम बंगाल
  20. राजू राम, उत्तर प्रदेश

सरकार का बयान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी

निष्कर्ष

यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह तकनीकी खामी थी या लापरवाही का परिणाम।

Ibnul khan

Editor-in-chief

Jashpur times

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