पत्थलगांव के शेखरपुर में ऐतिहासिक गणपति की हुई भव्य विदाई, वन विभाग का गजरथ बना आकर्षण का केंद्र
पत्थलगांव के शेखरपुर में ऐतिहासिक गणपति की हुई भव्य विदाई, वन विभाग का गजरथ बना आकर्षण का केंद्र

पत्थलगांव। पत्थलगांव के शेखरपुर में विराजे गणपति बप्पा की भव्य विदाई की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। वन विभाग का गजरथ इस विसर्जन रैली का विशेष आकर्षण रहा, वहीं भालू और गोरिल्ला के कॉस्ट्यूम में नजर आए कार्टून कैरेक्टर बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहे।

दो हाथियों की मौत के बाद शुरू हुई थी गणपति स्थापना की परंपरा
शेखरपुर में गणपति स्थापना का आयोजन एक भावुक और ऐतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि 9 सितंबर 2009 को शेखरपुर में करंट की चपेट में आने से दो हाथियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों और वन विभाग ने दोनों हाथियों का अंतिम संस्कार किया था।
ग्रामीणों की आस्था में हाथियों को भगवान गणेश के स्वरूप से जोड़ा जाता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। बाद में जिस स्थान पर दोनों हाथियों को दफनाया गया, वहां ग्रामीणों ने एक छोटा भवन बनवाया और हर वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणपति की स्थापना की जाने लगी।
समय के साथ यह परंपरा ग्रामीणों की आस्था के साथ-साथ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी जुड़ गई।
विसर्जन रैली में शामिल हुआ वन विभाग का गजरथ
इस वर्ष गणपति विसर्जन के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों की भी सहभागिता रही। जशपुर वन विभाग का गजरथ विसर्जन रैली में शामिल हुआ, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। गजरथ के माध्यम से वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश भी देखने को मिला।

वहीं भालू और गोरिल्ला के कॉस्ट्यूम में नजर आए कार्टून कैरेक्टर बच्चों के लिए खास आकर्षण रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
शेखरपुर का यह आयोजन केवल गणपति विसर्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वन्यजीवों के प्रति संवेदना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आस्था की अनूठी परंपरा को भी सामने लाता है। ग्रामीणों ने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को आगे भी जारी रखने की बात कही।
शेखरपुर में गणपति बप्पा की विदाई के साथ श्रद्धा, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला।
Ibnul khan
Editor-in-chief
Jashpur Times | सच सब तक







