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5 साल से मुआवजे के लिए भटक रहे बागबहार के आदिवासी किसान, अब उग्र आंदोलन की चेतावनी

नहर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहित, 75% किसानों को मिला मुआवजा; शेष किसान आज भी लगा रहे सरकारी कार्यालयों के चक्कर

बागबहार/जशपुर। जशपुर जिले के बागबहार क्षेत्र में नहर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहित किए जाने के करीब पांच साल बाद भी कई आदिवासी किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मामला सामने आया है। प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी जमीन नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

किसानों के अनुसार, इस परियोजना से प्रभावित करीब 75 प्रतिशत किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान हो चुका है, जबकि शेष किसान अब भी अपने हक के मुआवजे के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक लगा चुके हैं गुहार

प्रभावित किसानों का कहना है कि मुआवजे की मांग को लेकर वे लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। किसानों ने कलेक्टर कार्यालय, तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय में आवेदन देने के साथ ही मुख्यमंत्री निवास तक अपनी समस्या पहुंचाई है। इसके बावजूद अब तक उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिल सकी है।

किसानों का कहना है कि पांच साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी मामला लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मुआवजा नहीं मिलने वाले किसानों के नाम

किसानों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार मुआवजा नहीं मिलने वाले प्रभावित किसानों में हरीचंद पैंकरा, मंगलू राम भगत, ईश्वर प्रसाद पैंकरा, विक्रम सिंह पैंकरा, सतु पैंकरा, रमेश पैंकरा, आदित्य सिंह, भगवती सिंह पैंकरा, पदमन पैंकरा, संतराम पैंकरा, आनंद कुमार, संपति चौहान, जयंत चौहान, जलपति, दिलीप, बीरेंद्र पैंकरा, विजय पैंकरा, एतवा राम चौहान, सुरेश चौहान, रणजीत पैंकरा, देवानंद भगत, बाजो बाई, सोन साय, भोमझी राम, फूल कुंवारी, जैन राम, चादला राम, बुधन राम, शिव कुमार एवं रमाकान्त पैंकरा के नाम शामिल हैं।

किसानों का कहना है कि जब अधिकांश प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल चुका है, तो शेष किसानों को भी उनकी जमीन के एवज में लंबित मुआवजा राशि जल्द मिलनी चाहिए।

पांच साल से इंतजार, अब बढ़ रहा आक्रोश

लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे किसानों में अब नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से लगातार अपनी मांग प्रशासन और सरकार के समक्ष रखते आए हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित प्रकरणों की जांच कर मुआवजा राशि का जल्द भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।

जल्द भुगतान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रभावित किसानों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि पांच वर्षों से इंतजार करने के बाद अब उनके सब्र का बांध टूटने लगा है।

किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकार और जमीन के उचित मुआवजे के लिए आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

नोट: मुआवजा नहीं मिलने वाले किसानों के नाम और करीब 75 प्रतिशत किसानों को भुगतान होने संबंधी जानकारी किसानों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची एवं दावे पर आधारित है। संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

IBNUL KHAN

EDITOR-IN-CHIEF

Jashpur Times | सच सब तक

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