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ऑयल पाम की खेती से जशपुर के किसानों की चमकेगी किस्मत, 43 हेक्टेयर में हो चुका रोपण

100 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 43 हेक्टेयर में सफल रोपण, किसानों को पौध, फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई और 4 साल तक रखरखाव सहित विभिन्न मदों में मिलेगा अनुदान

जशपुरनगर, 10 सितंबर 2026। देश को खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम’ योजना जशपुर जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के तहत जिले को 100 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक 43 हेक्टेयर भूमि पर ऑयल पाम का सफल रोपण किया जा चुका है।

योजना को किसानों तक पहुंचाने के लिए जिले के घोलेंग (विकासखंड जशपुर), भुरसा कोना (विकासखंड बगीचा) एवं टिकलीपारा (विकासखंड फरसाबहार) में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा प्लांटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। इस दौरान सहायक संचालक उद्यान सहित संबंधित विकासखंड के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

किसानों को मिल रही कई सुविधाएं

योजना के तहत ऑयल पाम की खेती करने वाले किसानों को रोपण सामग्री, सिंचाई, सुरक्षा एवं रखरखाव के लिए विभिन्न प्रकार के अनुदान का प्रावधान किया गया है।

रोपण सामग्री: 9×9 मीटर की दूरी पर प्रति हेक्टेयर 143 पौधों का रोपण किया जाता है। उच्च गुणवत्ता वाली एवं इम्पोर्टेड पौध सामग्री के व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 29 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान का प्रावधान है।

फेंसिंग और सिंचाई: फसल की सुरक्षा के लिए 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर तक फेंसिंग अनुदान का प्रावधान है। सफल बोर के लिए 50 हजार रुपये तथा ड्रिप सिंचाई के लिए 14,130 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है।

डीजल/इलेक्ट्रिक पंप: 2 हेक्टेयर अथवा उससे अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम लगाने वाले ST, SC, छोटे एवं सीमांत तथा महिला हितग्राहियों को 10 हजार रुपये प्रति पंप और अन्य हितग्राहियों को 8 हजार रुपये प्रति पंप अनुदान का प्रावधान है।

चार साल तक रखरखाव के लिए भी अनुदान

ऑयल पाम के शुरुआती विकास में किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए पौधों के रखरखाव हेतु प्रथम वर्ष से चतुर्थ वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है। यह राशि खाद, दवा, उर्वरक, गैप फिलिंग और सिंचाई जैसे कार्यों में उपयोग की जा सकती है।

अंतर्वर्ती फसल से किसान कमा सकेंगे दोहरा लाभ

ऑयल पाम के पौधों के बीच खाली स्थान में अंतर्वर्ती (इंटरक्रॉपिंग) फसल लगाने के लिए भी किसानों को प्रत्येक वर्ष 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से प्रथम से चतुर्थ वर्ष तक अनुदान का प्रावधान है। इससे किसान ऑयल पाम के साथ दूसरी फसल लेकर एक ही खेत से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

अधिक किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य

उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के अधिक से अधिक किसानों को ऑयल पाम की खेती से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिले को मिले 100 हेक्टेयर के लक्ष्य में से शेष क्षेत्र में भी जल्द रोपण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकें|

IBNUL KHAN

EDITOR-IN-CHIEF

JASHPUR TIMES

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