कुनकुरी टावर सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला शादीशुदा प्रेमी गिरफ्तार
थाना परिसर के वायरलेस टावर पर चढ़कर युवती ने की थी आत्महत्या, जांच में सामने आई प्रेम प्रसंग और दुष्प्रेरण की कहानी

जशपुर। कुनकुरी थाना परिसर में मोबाइल वायरलेस टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने वाली 22 वर्षीय युवती के मामले में जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए युवती को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में उसके शादीशुदा प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार घटना 26 मई 2026 की है, जब एक युवती गुप्त रूप से थाना कुनकुरी परिसर में दाखिल हुई और करीब 70 फीट ऊंचे वायरलेस टावर पर चढ़कर अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
मोबाइल कॉल डिटेल से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने मृतिका के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इसमें घटना से पहले कई लोगों से बातचीत के तथ्य सामने आए। पूछताछ और तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवती और बागगुड़ी निवासी रविशंकर राम (28 वर्ष) के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि 25 मई को आरोपी युवती को अपने साथ मोटरसाइकिल से घर ले गया था। वहीं उसने युवती को बताया कि वह शादीशुदा है, दो बच्चों का पिता है और केवल समय बिताने के लिए उससे बातचीत करता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
“आत्महत्या कर ले, फिर भी नहीं रखूंगा”
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि विवाद के दौरान युवती ने आरोपी से कहा था कि यदि वह उसे अपने साथ नहीं रखेगा तो वह आत्महत्या कर लेगी। आरोप है कि इस पर रविशंकर राम ने उसे आत्महत्या कर लेने की बात कहते हुए अपने साथ रखने से साफ इंकार कर दिया।
कुछ देर बाद आरोपी की पत्नी भी मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। बाद में आरोपी युवती को रात में कुनकुरी के एक चौक के पास छोड़कर चला गया। इस घटना से आहत युवती अगले दिन रात में थाना परिसर पहुंची और टावर पर चढ़कर आत्महत्या कर ली।
साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना कुनकुरी में अपराध क्रमांक 113/26 के तहत धारा 108 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बजाज पल्सर मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद रविशंकर राम को 4 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
मामले की जांच और गिरफ्तारी में एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, डीएसपी भावेश कुमार समरथ, थाना प्रभारी राकेश यादव, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले, प्रधान आरक्षक ढलेश्वर यादव, रामानुजम पाण्डेय तथा आरक्षक चंद्रशेखर बंजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









