धान खरीदी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर सुभाष गुप्ता का बयान, डिजिटल प्रणाली, पारदर्शिता और किसानों को सीधे भुगतान

कांग्रेस के पूर्व मंत्री उमेश पटेल द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजयुमो के पूर्व जिला मंत्री सुभाष गुप्ता ने कहा कि किसी भी विषय पर टिप्पणी करने से पहले आंकड़ों और ज़मीनी हकीकत पर नज़र डालना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में धान खरीदी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसानों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल रही है। पूर्व में किसानों को टोकन और खरीदी प्रक्रिया के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, जबकि अब व्यवस्था अपेक्षाकृत सहज हुई है।
सुभाष गुप्ता के अनुसार, सरकार द्वारा ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और अंतर की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शासन में अवैध धान की आवाजाही और कालाबाज़ारी रोकने के लिए नियमित निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि वास्तविक किसानों को ही योजनाओं का लाभ मिले।
सुभाष गुप्ता ने कहा कि जनता अब पिछले और वर्तमान शासन की कार्यप्रणाली की तुलना स्वयं कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ विभिन्न वर्गों तक पहुँच रहा है और प्रशासन द्वारा निरंतर सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य करते हुए किसानों और आम नागरिकों के हित में आगे बढ़ रही है।
— सुभाष गुप्ता
पूर्व जिला मंत्री, भाजयुमो जशपुर
ibnul khan
editor-in-chief, jashpur times




