मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में साइबर थाना का वर्चुअल उद्घाटन किया, डिजिटल सुरक्षा को मिली मजबूती
साइबर थाना का वर्चुअल उद्घाटन | जशपुर को बड़ी सौगात

जशपुर | 28 जनवरी 2026
प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से जिला जशपुर में स्थापित साइबर थाना का वर्चुअली उद्घाटन किया। यह सरगुजा संभाग का दूसरा साइबर थाना है, जिससे संभागीय स्तर पर साइबर अपराधों की जांच एवं नियंत्रण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर प्रदेशभर में कुल 08 नवीन साइबर थानों का एक साथ वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य साइबर अपराधों की त्वरित विवेचना, पीड़ितों को शीघ्र न्याय तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाले अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है।
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे वर्चुअली शामिल
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, मुख्य सचिव विकास शील सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े। सभी ने साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
जशपुर में आयोजित हुआ स्थानीय कार्यक्रम
जशपुर नगर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगरपालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री कृष्ण कुमार राय, कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा की सीमाओं से लगा हुआ है, जिससे साइबर अपराधों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड एवं सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों में वृद्धि को देखते हुए साइबर थाना की स्थापना जिले के लिए अत्यंत आवश्यक कदम है।
अब जशपुर में ही मिलेगा त्वरित न्याय
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि डिजिटल युग में अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं। साइबर थाना खुलने से अब जिलेवासियों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अन्य जिलों या राज्य मुख्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने जानकारी दी कि साइबर थाना में विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी वेबसाइट व लिंक से जुड़े मामलों की प्रभावी जांच संभव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लि
ए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता भी जरूरी है। इसके तहत आगामी दिनों में गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, लिंक व सोशल मीडिया ठगी से बच सकें।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। शिकायत मिलते ही त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ितों को शीघ्र राहत मिल सके।
IBNUL KHAN
editor-in-chief, jashpur times







