मनरेगा बंद के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, 19 से 29 जनवरी तक कांसाबेल में पंचायत स्तरीय प्रदर्शन
मनरेगा बंद करने और महात्मा गांधी के नाम से छेड़छाड़ के विरोध में कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन, कांसाबेल ब्लॉक के 9 मंडलों में पंचायत स्तरीय प्रदर्शन

कांसाबेल (जशपुर)।
कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा को बंद करने एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और कार्ययोजना में बदलाव के विरोध में पंचायत स्तरीय आंदोलन का ऐलान किया गया है। प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार 19 जनवरी से 29 जनवरी तक कांसाबेल ब्लॉक के सभी 9 मंडलों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

कांसाबेल रेस्ट हाउस में हुई रणनीतिक बैठक
आज कांसाबेल रेस्ट हाउस में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कांसाबेल के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लॉक प्रभारी कुलविंदर सिंह भाटिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अभिमन्यु सिदार ने की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करने, बंद करने तथा इसके मूल स्वरूप में बदलाव के विरोध में कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी। प्रत्येक जोन और मंडल में प्रभारी नियुक्त कर पंचायत स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
बैठक में कांसाबेल क्षेत्र के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से
कुलवंत सिंह भाटिया, रामभगत अग्रवाल, ललित जैन, हंसराज अग्रवाल, रवि शर्मा, राजेश अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, रणवीर सिंह भाटिया,
अजीत साय, अधेश्वर साय, नरेंद्र चौधरी, अमृत टोप्पो, टिंकू बंसल, रेमिस तिर्की, महेंद्रो यादव, प्रल्हाद चौधरी, हर्षविजय खाखा, प्रेमानुस मिंज, अजय दान तिर्की, शेर सिंह, रविन्द्र चौहान, पुनु साय, राजकुमार साय, दिनेश यादव, पुष्पा कुजूर, लक्ष्मी तिर्की, जीवन सिदार, शिवप्रसाद यादव, रंजीत यादव, अंकित गोयल (उपसरपंच), विवेक खाखा, सुरजनाथ विश्वकर्मा, ओमप्रकाश यादव, लीलापत यादव, बिट्टू गुप्ता, विवेक यादव, संजय सोनी, गौरव सोनी, साकिब, शुभम अग्रवाल, जितवाइन सिदार, मायाराम, महेंद्र साय सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसे कमजोर करना सीधे तौर पर ग्रामीण जनता के रोजगार और आजीविका पर हमला है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक मनरेगा और महात्मा गांधी के नाम से छेड़छाड़ का फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
ibnul khan
aditor-in-chief, Jashpur Times




